दिव्यांग विद्यार्थी डिजिटल मीडिया को बनाएं करियर की ताकतः सुनित मुखर्जी
सेवा संकल्प अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रोहतक, गिरीश सैनी। दिव्यांगता करियर की राह में बाधा नहीं, बल्कि सही अवसर और कौशल के साथ आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा हो सकती है। डिजिटल मीडिया के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थी करियर बनाने के साथ उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। ये उद्गार एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक एवं निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज (सीडीएस) में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किए।
सेवा मेरा योगदान थीम पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सीडीएस विद्यार्थियों से संवाद किया।
सुनित मुखर्जी ने विद्यार्थियों को डिजिटल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म और उनमें उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कंटेंट क्रिएशन, कंटेंट राइटिंग, ब्लॉगिंग और यूट्यूब सहित अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए कौशल विकसित कर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर तलाशने की संभावनाएं बताईं। साथ ही, साइबर सुरक्षा के महत्व और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग पर भी प्रकाश डाला।
इस दौरान विद्यार्थियों को पोषण, मासिक धर्म स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधियों और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई और संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सीडीएस के अतिरिक्त निदेशक एवं विधि विभाग के प्रो. योगेंद्र सिंह ने दिव्यांगता अधिनियम, दिव्यांगजनों के अधिकार और मानवाधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने समानता, गरिमा और समावेशन के लिए विद्यार्थियों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
सीडीएस निदेशिका प्रो. प्रतिमा देवी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य डिसेबिलिटी सपोर्ट सर्विसेज के तहत विद्यार्थियों की क्षमता निर्माण करना था। आईएसएल इंटरप्रेटर अनुराग ने आभार जताया।

Girish Saini

