एमडीयू में अकादमिक नेतृत्व पर मंथन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
एफडीपी में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियां अपनाने और नवाचार के लिए किया प्रेरित
रोहतक, गिरीश सैनी। उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए शिक्षकों में प्रभावी नेतृत्व क्षमता, नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति जरूरी है। शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियां अपनाकर संस्थागत विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में योगदान देना चाहिए। ये बात हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. एस.केय गक्खड़ ने एमडीयू में आयोजित एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के समापन सत्र में कही।
यूजीसी के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत एमएमटीटीसी, एमडीयू और डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, फरीदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय अकादमिक नेतृत्व क्षमता: उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा रहा। इसमें शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता, नेतृत्व कौशल और शिक्षण प्रभावशीलता विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल विषयगत ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। उन्हें विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
एफडीपी निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने कहा कि कार्यक्रम ने शिक्षकों को निरंतर सीखने, नवाचारपूर्ण शिक्षण और प्रभावी अकादमिक नेतृत्व के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, रणनीतिक सोच और संस्थागत विकास से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और संवादात्मक चर्चाओं को उपयोगी बताया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। उप निदेशक डॉ. माधुरी हुड्डा, डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की टीम और प्रतिभागी शिक्षक मौजूद रहे।

Girish Saini

