एरोसोल से जलवायु तक, वैज्ञानिक चुनौतियों पर मंथन

बीएमयू में राष्ट्रीय संगोष्ठी

एरोसोल से जलवायु तक, वैज्ञानिक चुनौतियों पर मंथन

रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर में भौतिकी एवं रसायन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर भारत में एरोसोल, वायु गुणवत्ता एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें हेमवती नंदन बहुगुणा विवि, श्रीनगर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आलोक सागर गौतम ने एरोसोल, वायु गुणवत्ता और जलवायु परिवर्तन के परस्पर संबंधों पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने कहा कि वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कण वायु गुणवत्ता के साथ मानव स्वास्थ्य, कृषि, पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने एरोसोल के वैज्ञानिक अध्ययन और वायु गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी के लिए अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

संगोष्ठी में पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जन जागरूकता पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम का संयोजन भौतिकी विभाग के प्रो. डॉ. प्रवीण भट्ट ने किया। डॉ. रवि कुमार राणा संयोजक तथा सुनीता दहिया सह-संयोजक रहीं। डॉ. सोनिया और डॉ. मीनाक्षी ने आयोजन सचिव की भूमिका निभाई। शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। समापन पर डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने सभी का आभार जताया।