उपायुक्त सचिन गुप्ता ने एलपीजी उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की

कहा, जिला में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्त निगरानी।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने एलपीजी उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला में उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है तथा किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला में 35 गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

उपायुक्त ने कहा कि रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कालाबाजारी, जमाखोरी तथा गैस के अनाधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बुधवार को जिला में 6931 गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध रहा, जबकि विभिन्न गैस एजेंसियों को 8640 गैस सिलेंडर प्राप्त हुए।उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए कलानौर गैस एजेंसी की आपूर्ति को भी बढ़ाया गया है, ताकि संबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार की कमी न रहे।

उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कहीं गैस आपूर्ति में कोई अनियमितता नजर आती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को 25 दिनों के अंतराल के बाद गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को 45 दिनों के अंतराल पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी से संबंधित शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करेंगे। रोहतक के सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी अशोक कुमार (9416283975) को रोहतक व सांपला क्षेत्र तथा महम की सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी कुसुमलता (9518175506) को महम, कलानौर व लाखनमाजरा क्षेत्र का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि एलपीजी गैस की कालाबाजारी या अनियमितता की कोई शिकायत हो तो संबंधित नोडल अधिकारी या जिला स्तर के हेल्पलाइन नंबर 01262-269895 पर संपर्क करें। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।