दिल्ली शब्दोत्सव में डीएलसी सुपवा के छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का जलवा

भारत की सच्ची आत्मा से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का मंच है शब्दोत्सवः कुलपति डॉ. अमित आर्य

दिल्ली शब्दोत्सव में डीएलसी सुपवा के छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का जलवा

नई दिल्ली, गिरीश सैनी। मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के पहले दिन दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के छात्रों ने अपनी प्रेरणादायी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस भव्य आयोजन में छात्रों ने अपनी कलात्मक उत्कृष्टता और रचनात्मक ऊर्जा से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

तीन दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ डीएलसी सुपवा के छात्रों द्वारा प्रस्तुत शक्तिशाली नृत्य-नाटिका दादा दहिया का बलिदान से हुआ। इसके बाद 20 छात्रों ने हरियाणवी लोक, समकालीन और फ्यूज़न नृत्य शैलियों पर आधारित एकल एवं युगल नृत्य प्रस्तुतियां दीं। वहीं, मूर्तिकला विभाग के छात्रों ने आगंतुकों को मिट्टी शिल्प (क्ले मॉडलिंग) की बुनियादी तकनीकों से परिचित कराया और अपनी हस्तनिर्मित कलाकृतियों का प्रदर्शन किया।

 

इसके अलावा, विवि की लघु फिल्में, मौलिक गीत तथा कुलगीत भी प्रदर्शित किए गए। कुलपति डॉ. अमित आर्य स्वयं छात्रों के साथ उपस्थित रहकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली शब्दोत्सव में हमारे छात्रों की भागीदारी डीएलसी सुपवा की मूल विचारधारा को प्रतिबिंबित करती है। छात्रों को मंच पर प्रदर्शन करते हुए, आमजन से संवाद करते हुए और इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन के सफल संचालन में योगदान देते हुए देखना, हमारे उस संकल्प को सुदृढ़ करता है जिसके तहत हम आत्मविश्वासी, सामाजिक रूप से जागरूक और सांस्कृतिक रूप से सुदृढ़ कलाकार तैयार कर रहे हैं। शब्दोत्सव जैसे मंच छात्रों को भारत की सच्ची आत्मा से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

 

शब्दोत्सव 2026 में डीएलसी सुपवा का 90 सदस्यीय दल भाग ले रहा है, जिसमें 20 छात्र स्वयंसेवक तथा 15 शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस दौरान छात्रों को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से संवाद करने का अवसर भी मिला। मुख्यमंत्री ने सुपवा के दल से मुलाकात के दौरान विवि द्वारा संचालित विशिष्ट शैक्षणिक कार्यक्रमों और प्रशिक्षण पद्धतियों के बारे में जानकारी ली तथा छात्रों के साथ अनौपचारिक संवाद किया। उन्होंने छात्रों के साथ पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया और सेल्फी भी ली। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री (कला, संस्कृति एवं भाषा) कपिल मिश्रा ने भी छात्रों से मुलाकात कर उनकी प्रस्तुतियों और सहभागिता की सराहना की।

 

सुरुचि प्रकाशन द्वारा हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित ये तीन दिवसीय महोत्सव 100 से अधिक लेखकों, फिल्मकारों, विचारकों, पत्रकारों, विधि विशेषज्ञों और युवा प्रतीकों को तीन जीवंत मंचों पर एक साथ लाता है। सांस्कृतिक संगीत संध्याओं, ऊर्जावान यूथ ओपन माइक मंच, पुस्तक चर्चाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भारत के विविध स्वादों से प्रेरित फूड कोर्ट के साथ, शब्दोत्सव एक समृद्ध और समग्र अनुभव प्रदान करता है।