सहकारिता मंत्री ने चीनी मिल के 70वें पेराई सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम में किया वर्चुअली संबोधित

पूर्व मंत्री ग्रोवर, डीसी सचिन गुप्ता, एमडी श्वेता सुहाग सहित अन्य ने चेन में डाला गन्ना।

सहकारिता मंत्री ने चीनी मिल के 70वें पेराई सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम में किया वर्चुअली संबोधित

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भाली आनंदपुर स्थित सहकारी चीनी मिल के 70वें पेराई सत्र 2025-26 के शुभारंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। स्थानीय स्तर पर पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, उपायुक्त सचिन गुप्ता, मिल की प्रबंध निदेशक श्वेता सुहाग सहित अन्य गणमान्य जन ने ब्वॉयलर का बटन दबाकर विधिवत रूप से पेराई सत्र का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों ने चीनी मिल की चेन में गन्ना डाला तथा इससे पूर्व हवन में पूर्णाहूति डालकर पेराईसत्र के निर्विघ्न संचालन के लिए मंगल कामना की।


सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने वर्चुअली संबोधन में कहा कि किसान चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारंभ को त्योहार की तरह मनाते है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाये गए है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में गन्ना के रेट को बढ़ाकर 415 रुपए प्रति क्विंटल (अगेती किस्म) किए है।


डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि चीनी मिल में गत वर्ष 99 लाख यूनिट बिजली का एक्सपोर्ट किया है, जिससे मिल को 7 करोड़ 35 लाख रुपए की आमदनी हुई है। उन्होंने प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से किसानों के साथ संवाद करें तथा उनकी समस्याओं का समाधान करें। अटल किसान मजदूर कैंटीन में किसानों को गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध करवाया जाये।


सहकारिता मंत्री ने आश्वस्त किया कि वर्तमान गन्ना की फसल का भुगतान भी सरकार द्वारा समय पर किया जाएगा। सरकार किसानों की गन्ने की फसल की कटाई की समस्या का समाधान करने के लिए भी प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों में चीनी के उत्पादन के साथ-साथ अन्य उत्पादों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

 

पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि चीनी मिल के वास्तविक मालिक किसान है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस चीनी मिल की पेराई क्षमता को बढ़वाया था। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मिल को गुणवत्तापरक गन्ना सप्लाई करें ताकि चीनी रिकवरी दर अच्छी रहे।

 

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने चीनी मिल प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए कि वे वर्तमान गन्ना पेराई सत्र के दौरान चीनी रिकवरी दर को बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने के प्रयास किए जाये ताकि चीनी मिल को और लाभ हो सके। उन्होंने मिल की प्रबंध निदेशक श्वेता सुहाग व अधिकारियों के साथ मिल परिसर का अवलोकन किया तथा चीनी उत्पादन प्रक्रिया को देखा।

 

चीनी मिल की एममडी श्वेता सुहाग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मिल के साथ लगभग 5 हजार किसान जुड़े है। मिल में राज्य के पांच जिलों रोहतक, भिवानी, चरखीदादरी, झज्जर एवं सोनीपत के 251 गांवों के किसानों ने 23 हजार एकड़ क्षेत्रफल में गन्ने की बिजाई की है, जिससे इस वर्ष मिल में 30 लाख क्विंटल गन्ने की आवक अनुमानित है। मिल द्वारा गत पेराई सत्र में 24 लाख 77 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करते हुए एक लाख 85 हजार 900 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया था। गन्ने की पूर्ण राशि 99 करोड़ 11 लाख रुपए की राशि का किसानों को समय पर भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गत अप्रैल माह से नवंबर 2025 तक ऑनलाइन एक लाख 87 क्विंटल चीनी की बिक्री की गई, जिससे मिल को 74 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है। इसी दौरान मिल द्वारा एक लाख एक हजार 778 क्विंटल सीरे की बिक्री की गई, जिससे मिल को 12 करोड़ 66 लाख रुपए की आमदनी हुई। मिल में पुरानी प्रदूषण यूनिट के स्थान पर नई आधुनिक तकनीक की प्रदूषण यूनिट थर्मेक्स की स्थापना की गई है, जिस पर 4 करोड़ 90 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। इससे वातावरण में ब्वॉयलर से निकलने वाले धुंए का प्रदूषण तय मापदंड से भी कम हो गया है। मिल के आसपास के गांवों में अब राख के कण उडक़र नहीं जायेंगे।


सहकारी चीनी मिल में 2024-25 में सर्वाधिक गन्ना सप्लाई करने वाले पांच किसानों को विशिष्ट अतिथि मनीष ग्रोवर तथा अन्य अतिथियों ने सम्मानित किया। इन किसानों में रामेहर, रोहताश, राकेश, सरवर तथा ब्रह्मानंद शामिल हैं।