चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरूद्ध कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, विधायकों के विरुद्ध पुलिस ने किया बल प्रयोग
कई विधायकों हुए चोटिल, पूर्व सीएम हुड्डा बोलेः पुलिस की वर्दी में गुंडे भेजे सरकार ने।
रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने वीरवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन जोरदार प्रदर्शन किया। काले कपड़े पहने कांग्रेसी विधायकों ने - चढ़ावा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में जैसे नारे लगाते हुए विधानसभा तक मार्च किया। पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की और बल प्रयोग किया। कांग्रेस ने दावा किया कि धक्कामुक्की में कई विधायकों को चोटें आईं।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर हो या विधानसभा मार्च, हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पुलिस ने उनके और विधायकों के साथ धक्कामुक्की की, उससे ऐसा लग रहा था जैसे सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे हों।
हुड्डा ने कहा कि नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी ऐसे गंभीर मुद्दे हैं, जिनसे भाजपा सरकार लगातार आंखें चुराती रही है। उन्होंने चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए, क्योंकि यह मामला भगवान राम में आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने जांच में देरी पर भी सवाल उठाए।
हुड्डा के अनुसार, आरोप जून 2026 की शुरुआत में सामने आए, 13 जून को एसआईटी गठित हुई, 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट आई, जबकि एफआईआर 25 जून को दर्ज हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोप सामने आने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या इससे सबूत प्रभावित होने का खतरा नहीं था।
एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि चढ़ावे की गिनती के दौरान सुरक्षा गार्ड, फ्रिस्किंग, पॉकेट रहित कपड़े और 180 दिन की सीसीटीवी फुटेज जैसी निर्धारित एसओपी का पालन नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज भी कथित तौर पर केवल 45 दिन तक रखी गई। उन्होंने पूछा कि सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ट्रस्ट प्रबंधन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बड़े नामों को क्लीन चिट कैसे मिल गई। हुड्डा ने कहा कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त है? क्या करोड़ों रुपये की चोरी इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी कर सकते हैं?
जंतर-मंतर मामले पर सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि पैलेट गन से घायल बच्चे की एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई थी। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध और थाने में धरने के बाद सरकार को एफआईआर दर्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और सरकार की जवाबदेही तय करेगी।
नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि यदि प्रधान ने शुरुआत में ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया होता तो छात्रों को लाठीचार्ज और लंबे संघर्ष का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने सरकार से छात्रों से माफी मांगने, लाठीचार्ज और पैलेट गन के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की समस्या महामारी का रूप ले चुकी है। कांग्रेस के अनुसार, देशभर में अब तक 152 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं और करीब 7.50 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में भी 30 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, जिनमें एचसीएस, सीईटी, एसआई भर्ती, डेंटल सर्जन, पुलिस कांस्टेबल, ग्राम सचिव, क्लर्क, पीटीआई, एचटेट, बी-फार्मेसी और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
हुड्डा ने कहा कि बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण युवाओं में गहरा असंतोष है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेपर और नौकरियों का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है और सरकार को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

Girish Saini 

