कांग्रेस ने जमीनी कार्यकर्ता को दी है राज्यसभा की टिकट, जीत पक्कीः पूर्व सीएम हुड्डा
गांव ककराना पहुंचकर शहीद अनुज शर्मा को दी श्रद्धांजलि।
रोहतक, गिरीश सैनी। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पक्की है, क्योंकि पार्टी ने एक जमीनी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है। हुड्डा स्थानीय डी पार्क स्थित निवास मातूराम भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इससे पहले उन्होंने असम में सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद हुए एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा के परिवार से गांव ककराना में मुलाकात की और शहीद को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहीद के परिवार को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि अनुज के रूप में भारत माता ने एक होनहार बेटा खोया है। उनकी तमाम सेवाएं और ऑपरेशन सिंदूर में उनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा।
पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने तेल आयात जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर अमेरिकी दबाव पर बोलते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति ऐसी हो गई है कि तेल लाने जैसे बुनियादी निर्णयों के लिए भी सरकार को दूसरे देशों से सर्टिफिकेट लेना पड़ रहा है, जो शर्मनाक है। हम एक आजाद देश हैं, बावजूद इसके विदेशी दबाव में कोई भी डील होती है तो हमारी सम्प्रभुता पर सवाल उठता है।
पूर्व सीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार में महंगाई लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी ने गरीब व मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डाला है। कमरतोड़ महंगाई के चलते आम आदमी का जीना दुश्वार हो गया है।
हरियाणा के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ये बजट नहीं, बल्कि कोरी लफ्फाजी है। बीजेपी ने हरियाणा को 5.56 लाख करोड़ के कर्जे तले दबा दिया है। ख़ुद बजट के आंकड़ों और मुख्यमंत्री के भाषण में हताशा नजर आती है। सरकार के पास न महंगाई को रोकने की कोई योजना है, न रोजगार सृजन का कोई प्लान, न किसानों की एमएसपी का कोई प्रावधान और न ही इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने की राशि है। पूंजीगत व्यय के नाम पर किसी भी नए मेडिकल कॉलेज, सड़कें, पुल या अन्य परियोजनाओं के लिए पर्याप्त फंड ही नहीं हैं।
धान घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले में सरकार सिर्फ़ छोटे कर्मचारियों को फंसाने में लगी है और बड़े मगरमच्छों पर हाथ डालने की बजाए उन्हें बचाया जा रहा है। जबकि जनता को बखूबी पता है कि हजारों करोड़ के इस घोटाले को छोटे कर्मचारी कर ही नहीं सकते। इसके पीछे सत्ता में बैठे रसूखदार लोगों का हाथ है। उन्होंने कहा कि आलू और भावांतर योजना के नाम पर भी लगातार किसानों के साथ धोखा हो रहा है। जैसे ही मंडियों में किसान की फसल आती है तो अचानक से रेट गिरा दिया जाता है और गोदामों में पहुंचते ही फिर से आलू व तमाम उत्पादों की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। इतना ही नहीं, भावांतर योजना के नाम पर भी किसानों को कोई सहायता नहीं दी जाती।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में घोटाले के अलावा और कुछ नहीं हो रहा है। हाल ही में हुआ बैंक और धान घोटाला सुर्खियों में आया है। लेकिन इससे पहले भी शराब, भर्ती, किलोमीटर स्कीम, बिजली मीटर, बाजरा खरीद, रजिस्ट्री, समेत दर्जनों घोटाले हो चुके हैं। इक्का दुक्का घोटालों की जांच के लिए कमेटी बनाने का ऐलान तो कर दिया जाता है, लेकिन उनकी रिपोर्ट कभी सामने नहीं आती।

Girish Saini 

