सुशासन, पारदर्शिता और नैतिकता के प्रहरी हैं कंपनी सचिवः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
चंडीगढ़ में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करने के लिए केंद्र सरकार व केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार जताया।
पानीपत, गिरीश सैनी। कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका केवल कानूनी प्रावधानों के अनुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे कॉरपोरेट सुशासन, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के सशक्त प्रहरी हैं। ये विचार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने भारतीय कंपनी सचिव संस्थान के पानीपत चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कंपनी सचिव को किसी भी कंपनी की रीढ़ की संज्ञा देते हुए कहा कि वे कंपनी के निदेशक मंडल, प्रबंधन, शेयरधारकों और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और वैश्विक दौर में जब कॉर्पोरेट जगत पर विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है, ऐसे समय में कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्य अतिथि डॉ. चौहान ने 16 फरवरी से चंडीगढ़ में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करने के निर्णय के लिए भारत सरकार तथा विशेषकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि नई पीढ़ी के कंपनी सेक्टरी इस अवसर का खुद और प्रदेश के हित में सदुपयोग करें।
भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि -सत्यम् वद, धर्मं चर का संदेश आज के कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी उतना ही प्रासंगिक है। कंपनी सचिव यदि सत्य, पारदर्शिता और नैतिकता को अपने कार्य का आधार बनाएं, तो न केवल संस्थान बल्कि समाज और राष्ट्र भी सुदृढ़ बनता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे कंपनी सचिव के रूप में केवल करियर ही न बनाएं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को भी समझें। उन्होंने कहा कि अच्छा कंपनी सचिव वही है, जो कानून की भाषा के साथ-साथ समाज की संवेदना को भी समझता हो।
कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं ने कंपनी सचिवों के प्रशिक्षण, बदलते कॉर्पोरेट कानून, डिजिटल युग की चुनौतियों और व्यावसायिक आचरण पर भी विस्तार से चर्चा की। अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान विनोद शर्मा (क्षेत्रीय निदेशक, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय), सीएस दीपांशु कपूर (अध्यक्ष पानीपत चैप्टर, आईसीएसआई), सीएस राहुल जोगी (संयोजक, पीएचडीसीसीआई, चंडीगढ़), सीएस नीरज जैन (मर्चेंट बैंकर, दिल्ली) तथा सीएस हर्ष ओबरॉय विशेष रूप से मौजूद रहे।
Girish Saini 

