निर्धारित कार्यक्रम अनुसार हो बच्चों का टीकाकरणः डीसी सचिन गुप्ता

निर्धारित कार्यक्रम अनुसार हो बच्चों का टीकाकरणः डीसी सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लक्षित आयु वर्ग के सभी बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें। विभाग नागरिकों को पोषक आहार बारे भी जागरूक करें ताकि बच्चों एवं महिलाओं में पोषण की कमी न हो।

महिला एवं बाल विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने पोषण, महिला एवं बाल सुरक्षा, किशोरी सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम तथा महिला कल्याण से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला के 1004 आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। पोषण ट्रैकर पर 65,466 बच्चों, 6,451 गर्भवती महिलाओं तथा 5,495 धात्री महिलाओं का डाटा दर्ज किया गया। वृद्धि निगरानी के अंतर्गत बच्चों का मापन किया गया।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि पूरक पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों को कम से कम 25 दिन पोषण आहार उपलब्ध करवाया गया। आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिकाओं एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए सीखने के कोने विकसित किए गए हैं। बचपन चौपाल के माध्यम से अभिभावकों से संवाद किया गया। उन्होंने ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया, स्वच्छता एवं जीवन कौशल संबंधी जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। सुरक्षा रोहतक अभियान के अंतर्गत सभी 1004 आंगनबाड़ी केन्द्रों में बाल सुरक्षा एवं पॉक्सो अधिनियम के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई तथा 12283 महिलाओं को कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया गया। विभाग द्वारा महिलाओं को स्वास्थ्य एवं शिशु विकास संबंधी परामर्श दिया गया। रोहतक बाल उत्सव के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए चित्रकला, कहानी, गीत एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं रोहतक पोषण वाटिका अभियान के तहत 685 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिकाएं विकसित की गईं तथा 21,230 महिलाओं को घरेलू बागवानी के लिए प्रेरित किया गया।

उपायुक्त ने कहा कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बाल संरक्षण से संबंधित मामलों पर कार्य किया जा रहा है। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। आगामी चरण में ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, धार्मिक स्थलों एवं विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत रैलियां, बेटी जन्मोत्सव, नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताएं, प्रभात फेरियां, कठपुतली शो एवं स्वास्थ्य शिविर जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार, पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, महिला एवं बाल सुरक्षा, किशोरी सशक्तिकरण तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर विभाग की अधिकारी मौजूद रही।