सीएम नायब सैनी ने समाधान शिविरों के तहत त्वरित एवं जन-केंद्रित शिकायत निवारण के निर्देश दिए।

कहा, शिकायतकर्ताओं से प्रत्यक्ष संवाद कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

सीएम नायब सैनी ने समाधान शिविरों के तहत त्वरित एवं जन-केंद्रित शिकायत निवारण के निर्देश दिए।

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा समाधान प्रकोष्ठ के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की राज्य स्तरीय वर्चुअल समीक्षा करते हुए सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि लंबित व पुन: ओपन की गई शिकायतों का विशेष रूप से त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित समाधान सुनिश्चित किया जाए।


समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला से संबंधित शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण सरकार की नीतियों एवं निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। विधवा पेंशन से संबंधित एक शिकायत पर जानकारी देते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रचलित सरकारी नियमों के अनुसार एक लाभार्थी केवल एक ही पेंशन लाभ का हकदार होता है। संबंधित आवेदक पहले से ही अन्य स्रोत से पेंशन का लाभ ले रहा है, जिसकी जानकारी जिला प्रशासन द्वारा उसे दे दी गई है।

 

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोमवार तक समाधान शिविरों में प्राप्त लंबित व पुन: ओपन हुई शिकायतों की पृथक सूची तैयार की जाए। पहली श्रेणी में वे शिकायतें जो स्थानीय स्तर पर हल की जा सकती हैं तथा दूसरी श्रेणी में मांग-आधारित अथवा नीति से संबंधित मामले शामिल किए जाये।

 

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला अथवा उप-मंडल स्तर पर हल की जा सकने वाली सभी शिकायतों का 10 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए तथा कोई भी शिकायत एक माह से अधिक लंबित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि निस्तारण संबंधी टिप्पणियां स्पष्ट, तर्कसंगत और विस्तृत हों, ताकि मामलों को अनावश्यक रूप से पुन: न खोला जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातः: 10 से दोपहर 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय व उपमंडल स्तर पर महम एवं सांपला स्थित उप-मंडल सचिवालय में लगाये जा रहे हैं।


इस दौरान नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह, एडीसी नरेंद्र कुमार, एएसपी वाईवीआर शशि शेखर, एसडीएम उत्सव आनंद, आशीष कुमार व विपिन कुमार, आरटीए सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत सिंह व नमिता सिंह, नगराधीश अंकित कुमार, यूएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता बिजेंद्र नरवाल, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवराज, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, डीआरओ प्रमोद चहल, डीडीपीओ राजपाल चहल, पीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।