विश्व बाइपोलर दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व बाइपोलर दिवस के अवसर पर पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में 66 फिजियोथेरेपी छात्रों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बाइपोलर विकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग दिया।

विश्व बाइपोलर दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रोहतक, गिरीश सैनी। विश्व बाइपोलर दिवस के अवसर पर पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में 66 फिजियोथेरेपी छात्रों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बाइपोलर विकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग दिया।

मनोरोग विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रीति सिंह ने बताया कि द्विध्रुवी विकार एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें व्यक्ति के मूड, ऊर्जा और व्यवहार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। समय पर पहचान और उचित उपचार से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉ. पुरुषोत्तम ने कहा कि द्विध्रुवी विकार के लक्षणों को समझना और प्रारंभिक अवस्था में उपचार शुरू करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील की।

साइकियाट्रिक सोशल वर्क के प्रोफेसर डॉ. भूपेंद्र सिंह ने सामुदायिक जागरूकता और परिवार की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि द्विध्रुवी विकार के प्रबंधन में सामाजिक सहयोग और पुनर्वास सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सहायक प्रोफेसर डॉ. अविषा ने द्विध्रुवी विकार के जैविक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये विकार मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन और न्यूरो बायोलॉजिकल परिवर्तनों से जुड़ा होता है, जिस कारण मूड में असामान्य बदलाव देखने को मिलते हैं।