समाज, संस्कृति और बदलते समय को समझने का सशक्त जरिया है कलाः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

दृश्य कला विभाग में शिक्षकों-शोधार्थियों से किया संवाद।

समाज, संस्कृति और बदलते समय को समझने का सशक्त जरिया है कलाः कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने दृश्य कला विभाग का दौरा कर शिक्षकों और शोधार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मक सोच और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का संदेश दिया।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि दृश्य कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और बदलते समय को समझने और प्रस्तुत करने का सशक्त जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने, नए प्रयोग करने और समकालीन विषयों पर रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कला के विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान के साथ नई तकनीकों और वैश्विक रुझानों की समझ भी विकसित करनी होगी, तभी वे अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।

कुलपति ने शोधार्थियों से शोध गतिविधियों और रचनात्मक परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देकर विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की बात कही।

विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने कुलपति का स्वागत करते हुए विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी और भविष्य की योजनाओं से अवगत करवाया। इस दौरान प्राध्यापक डॉ. अंजलि दुहन, डॉ. राजेश कुमार, परवीन कुमार सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।