एआई और स्पेस टेक्नोलॉजी से बनेगा विकसित भारत, युवाओं के लिए स्टार्टअप के बड़े अवसरः इसरो वैज्ञानिक प्रो. अमिताभ सिंह
एमडीयू में एआई इनेबल्ड टीचिंग, लर्निंग, असेसमेंट एंड एकेडमिक रिसर्च विषय पर एफडीपी शुरू।
रोहतक, गिरीश सैनी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं वीनस ऑर्बिटर मिशन से जुड़े प्रो. अमिताभ सिंह ने कहा कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान और स्पेस टेक्नोलॉजी में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसरो की तकनीक केवल अंतरिक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, संचार, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय विकास के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे।
इसरो के प्लैनेटरी एण्ड स्पेस साइंस डेटा प्रोसेसिंग डिवीज़न के अध्यक्ष तथा वीनस ऑर्बिटर मिशन, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (इसरो), अहमदाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो.अमिताभ सिंह सोमवार को एमडीयू, रोहतक में -एआई इनेबल्ड टीचिंग, लर्निंग, असेसमेंट एंड एकेडमिक रिसर्च विषय पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
प्रो. अमिताभ सिंह ने चंद्रयान मिशन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए लॉन्च व्हीकल, मौसम, संचार और नेविगेशन उपग्रहों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कंप्यूटर विजन फॉर इंटर प्लैनेटरी मिशन्स इन इसरो विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि आधुनिक कंप्यूटर विजन तकनीक अंतरिक्ष अभियानों में तकनीकी समस्याओं के समाधान और मिशनों की सफलता में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने चंद्रयान-4, चंद्रयान-5 तथा प्रस्तावित शुक्र (वीनस) मिशन की तैयारियों की भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की उपलब्धियों ने देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार के बल पर भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्पेस टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को अपनाकर नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा भारतीय स्पेस स्टार्टअप स्काई रूट का उदाहरण भी साझा किया।
इस दौरान इसरो वैज्ञानिक प्रो. अमिताभ सिंह और कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने स्पेस टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़े विभिन्न विषयों पर परस्पर संवाद किया। एमडीयू कैंपस स्कूल के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों द्वारा पूछे गए सवालों का दोनों विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया। डीन प्रो. नसीब सिंह गिल ने शिक्षा और शोध में एआई की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। मंच संचालन डॉ. पूजा मित्तल ने किया तथा एमएमटीटीसी की उपनिदेशिका डॉ. माधुरी हुड्डा ने आभार व्यक्त किया।
इस एफडीपी का आयोजन एमडीयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, यूआईईटी, एमएमटीटीसी तथा डीएवी शताब्दी कॉलेज फरीदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान डीन फैकल्टी ऑफ एजुकेशन प्रो. जितेन्द्र कुमार, विभागाध्यक्षा (कंप्यूटर साइंस) प्रो. प्रीति गुलिया, विभागाध्यक्ष (भूगोल) प्रो. प्रमोद कुमार, निदेशक यूसीसी प्रो. युद्धवीर सिंह सहित एमडीयू एवं डीएवी कॉलेज फरीदाबाद के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी मौजूद रहे।
Girish Saini 

