एमडीयू के 25 शोधकर्ता विश्व के टॉप 2% वैज्ञानिकों में

16 शिक्षक और 9 शोधार्थी शामिल, स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की सूची में मिली जगह

एमडीयू के 25 शोधकर्ता विश्व के टॉप 2% वैज्ञानिकों में

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के 25 शोधकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवि का नाम रोशन किया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका द्वारा तैयार और एल्सेवियर बीवी द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को जारी अपडेटेड साइंस-वाइड ऑथर डेटाबेस ऑफ स्टैंडर्डाइज्ड साइटेशन इंडिकेटर्स में एमडीयू के 16 शिक्षक और 9 शोधार्थी वर्ष 2025 के उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हुए हैं।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने उपलब्धि पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि 25 शोधकर्ताओं का वैश्विक स्तर पर पहचान बनाना विवि के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शोध के प्रति शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता तथा गुणवत्तापूर्ण अकादमिक कार्य का परिणाम है। विवि में उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा देने के प्रयास लगातार जारी हैं।

डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा और कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने भी चयनित शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि एमडीयू में शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता के मजबूत होने का प्रमाण है।

सूची में शामिल शिक्षकों में प्रो. चंद्रशेखर पुंडीर (सेवानिवृत्त), प्रो. जय प्रकाश यादव (सेवानिवृत्त), प्रो. विनोद बाला, सीनियर प्रो. नरसिम्हन बी., प्रो. हरीश दुरेजा, प्रो. राजेश पूनिया, प्रो. कृष्ण कांत शर्मा, प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. दीपक कौशिक, प्रो. सुरेंद्र सिंह यादव, प्रो. नवीन कुमार, प्रो. सर्वजीत सिंह गिल, प्रो. अनिल ओहलान, प्रो. दीपक छाबड़ा, प्रो. रामफूल ओहल्याण और डॉ. पूनम रेढू शामिल हैं।

इनमें प्रो. सी.एस. पुंडीर, सीनियर प्रो. नरसिम्हन बी., प्रो. सर्वजीत सिंह गिल और प्रो. बलजीत सिंह यादव को उनके पूरे शोध करियर के उल्लेखनीय योगदान के लिए भी वैश्विक शीर्ष वैज्ञानिकों में स्थान मिला है।

वैज्ञानिकों का चयन शोधपत्रों के उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखक समायोजित एचएम-इंडेक्स और सी-स्कोर जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। डेटाबेस में वैज्ञानिकों को 20 प्रमुख क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है।