महंत बालकनाथ ने – वेस्ट टू रिसोर्सेज पुस्तक का लोकार्पण किया
रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर के कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने कृषि अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन पर आधारित पुस्तक – वेस्ट टू रिसोर्सेज का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण, नवाचार आधारित अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। इस दौरान कुलपति प्रो. बी. एम. यादव, कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. नवीन कुमार, डीन विज्ञान संकाय प्रो. मनोज कुमार सहित अन्य शिक्षाविद, शोधकर्ता एवं अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान एलसीवियर द्वारा प्रकाशित ये पुस्तक कृषि अपशिष्ट को पर्यावरणीय समस्या के बजाय बहुमूल्य संसाधन के रूप में विकसित करने की आधुनिक वैज्ञानिक संभावनाओं पर केंद्रित है। इसमें कृषि अवशेषों के स्रोत, पर्यावरणीय प्रभाव, आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों, जैव-ऊर्जा उत्पादन, पुनर्चक्रण तथा सतत कृषि विकास के विभिन्न आयामों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि कृषि अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था का भी आधार है। उन्होंने कहा कि विवि को केवल शिक्षा तक सीमित न रहते हुए समाज और राष्ट्र की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने वाले अनुसंधान को भी बढ़ावा देना चाहिए।
महंत बालकनाथ योगी ने विवि की सामाजिक प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि बीएमयू ने बेटियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से छात्राओं के लिए निःशुल्क शिक्षा की ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य संवारती है।
इस पुस्तक का संपादन बीएमयू के निदेशक आईक्यूएसी डॉ. अरूप गिरी, हिमाचल प्रदेश विवि के जैव विज्ञान विभाग के डॉ. राजेश कुमार, सीडीएलयू सिरसा के खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की डॉ. संजू बाला ढुल तथा डीआरडीओ-डिफेंस रिसर्च लेबोरेटरी असम के डॉ. सोमेन आचार्य ने संयुक्त रूप से किया है। डॉ. अरूप गिरी ने कहा कि कृषि अपशिष्ट को केवल बेकार सामग्री के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा, जैव-उर्वरक, पर्यावरण संरक्षण और सतत जैव-अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में विकसित किया जा सकता है।
Girish Saini 


