पूर्व सीएम हुड्डा ने चनौत गांव के साथ धोखे का आरोप लगाया
कहा, टी लगने के बावजूद सरकार ने नहीं दिया पानी।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गांव चनौत में पानी को लेकर चल रहे आंदोलन पर दोहराया कि सरकार ने गांव वालों के साथ धोखा किया है, क्योंकि बाकायदा प्रशासन की मौजूदगी में गांव के लिए सरकार के आदमी ने टी लगाई थी। लेकिन उसको भी बाद में उखाड़ दिया गया और टी को अवैध बताया गया। लेकिन आज तक सरकार इस सवाल का जवाब नहीं दे पाई है कि अगर टी अवैध थी और उसे लगाने का फैसला सरकार का नहीं था, तो टी लगवाते हुए प्रशासन मौके पर क्यों मौजूद था? वो उस समय मूकदर्शक क्यों बना रहा।
स्थानीय डी-पार्क स्थित आवास मातूराम भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कहा कि चनौत गांव और हांसी शहर दोनों को पानी देने की जिम्मेदारी सरकार की है। यह बेहद दुखद है कि पेयजल की मूलभूत सुविधा के लिए भी गांव को आंदोलन व अनशन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत गांव वालों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकाले।
पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की थी। किसी भी गांव या इलाके को इस तरह आंदोलन नहीं करना पड़ा था। लेकिन आज, चनौत ही नहीं, हरियाणा के कई इलाकों में पानी की किल्लत है। रोहतक की अनेक कॉलोनियाों में पानी गंदा आ रहा है, जिससे लोग बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
पीएम मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित हरियाणा दौरे पर हुड्डा ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन चलाना अच्छी बात है, लेकिन बीजेपी को ये भी बताना चाहिए कि जिस रेलवे लाइन पर ये ट्रेन चलेगी, वो किसने बनवाई? सोनीपत से जींद वाया गोहाना, इस रेलवे लाइन की स्थापना कांग्रेस सरकार ने की थी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री हरियाणा आ रहे हैं तो हमारी मांग है कि वो हरियाणा के पानी पर फैसला करवाकर जाएं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट से एसवाईएल को लेकर फैसला बरसों पहले आ चुका है। लेकिन आज तक भी केंद्र सरकार ने उसे लागू नहीं करवाया और हरियाणा को पानी नहीं दिलवाया।
नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने को निजीकरण की दिशा में एक नुकसानदेह कदम बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने मांग की कि ये जनविरोधी फैसला वापिस लिया जाए। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए 15 अगस्त से कृषि उपभोक्ताओं के एग्री डिस्कॉम को अलग किया जा रहा है, ताकि प्राईवेट कंपनी को किसानों को बिजली आपूर्ति न करना पड़े, क्योंकि किसानों को बिजली पर सब्सिडी मिलती है।
हुड्डा ने कहा कि प्राइवेट कंपनी सिर्फ मुनाफे वाले क्षेत्रों (औद्योगिक, मॉल, कमर्शियल) में बिजली देगी, जबकि ग्रामीण, गरीब और किसान वर्ग सरकारी निगम (डीएचबीवीएन) के भरोसे रह जाएंगे, जो बिना राजस्व के संकट में आ जाएगा। यानी एक बड़ी आबादी ऊर्जा संकट में फंस सकती है। उन्होंने कहा कि यही नहीं, डीएचबीवीएन के कुल राजस्व का एक-तिहाई हिस्सा गुरुग्राम से मिलता है। जहां इसे निजी कंपनियों में सौंपने से निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी।
प्रदेश में बढ़ते अपराध पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है, क्योंकि यहां ऑर्गेनाइज्ड क्राइम सबसे ज्यादा है। बदमाश बेखौफ होकर लूट, डकैती, फिरौती, फायरिंग और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
राम मंदिर दान चोरी को दिन दहाड़े डकैती बताते हुए उन्होंने कहा कि मैं भी राम को मानता हूँ। ये कौन लोग हैं जो राम के ठेकेदार बन गए और चढ़ावा भी खा गए। उन्होंने कहा कि एसआईटी भी लीपापोती के लिए बनाई है ।
इस दौरान रोहतक से विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि पीजीआईएमएस को 30 फुट का एक और नया रास्ता जल्द मिलेगा, जिसके लिए उन्होंने 16 करोड़ रुपए मंजूर करवाए हैं। ये सड़क शहर का ट्रैफिक प्रेशर कम करेगी और मरीजों व तीमारदारों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीर बोधि की जमीन पर भू-माफिया के कब्जे और अमृत योजना घोटाला समेत कई मुद्दों के वे लगातार उठा रहे हैं।
Girish Saini 


