शिक्षा मंत्री ढांडा और सांसद धर्मबीर सिंह ने किया अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
शिक्षाविदों को प्रदान किए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में आयोजित- ग्लोबल एडवांसेज़ इन स्टैटिस्टिकल मॉडलिंग, ऑप्टिमाइज़ेशन टेक्नीक्स एंड डेटा साइंसेज विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि आधुनिक दौर में डेटा, सांख्यिकी और ऑप्टिमाइजेशन तकनीक देश की नीतियों, अर्थव्यवस्था और शासन का महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ उभर नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है और ऐसे सम्मेलन इस वैज्ञानिक प्रगति को नई दिशा देते हैं।
सांख्यिकी विभाग द्वारा भारतीय रिलायबिलिटी एंड स्टैटिस्टिक्स एसोसिएशन (आईएआरएस) के साथ संयुक्त रूप से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए शिक्षा मंत्री ने शोधार्थियों व विद्यार्थियों को मजबूत गणितीय नींव विकसित करने, वास्तविक डेटा पर आधारित शोध करने और अपने कार्य को समाज के उपयोगी समाधान में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवता और संवेदना को केंद्र में रखना अत्यंत आवश्यक है।
उद्घाटन सत्र में सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि दुनिया में शिक्षा का सर्वोच्च महत्व है और भारत सदियों से ज्ञान व शिक्षा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि डेटा विज्ञान हमारी प्राचीन सांस्कृतिक बुद्धिमत्ता से जुड़ा है और आज विज्ञान व तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति की है।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि डेटा आधारित शोध समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डेटा विज्ञान, मशीन लर्निंग और ऑप्टिमाइज़ेशन तकनीक वैश्विक शोध का भविष्य हैं।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के की-नोट स्पीकर स्पेन के प्रो. जुआन एनरिक्वे मार्टिनेज-लेगाज़ ने कहा कि डेटा साइंस आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास की प्रमुख आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने शोधकर्ताओं से नवाचार और व्यावहारिक उपयोगिता पर केंद्रित शोध को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सांख्यिकी विभागाध्यक्ष एवं इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक प्रो. एस सी मलिक ने प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए सम्मेलन की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला। प्रो. दिव्या मल्हान ने मंच संचालन किया। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने आभार प्रदर्शन किया।
इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से अग्रणी शिक्षाविद, शोधकर्ता, डेटा वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ, सांख्यिकीविद और गणितज्ञ भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में स्पेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, नॉर्वे, चिली और कनाडा सहित कई देशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इनमें प्रो. राम एन. मोहापात्रा (अमेरिका), प्रो. शहजाहन खान (ऑस्ट्रेलिया), प्रो. हिरोशी सकाई (जापान), प्रो. संजय मिश्रा (नॉर्वे), प्रो. बी.एम. गोलाम किब्रिया (अमेरिका), प्रो. मिलान स्टेलिक (चिली), प्रो. शेष एन. राय (अमेरिका), डॉ. आमिर तैमूरियन (कनाडा), डॉ. अमित कोहली (कनाडा) और डॉ. जेलारेह फरहादियन (कनाडा) प्रमुख हैं।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांढा और सांसद धर्मबीर ने आइएआरएस लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड फेलिसिटेशन समारोह में शिक्षाविदों को अवार्ड देकर उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से प्रो. अमरेंद्र मिश्रा (निदेशक, पॉपुलेशन रिसर्च सेंटर), प्रो. सी. के. जग्गी (सीनियर प्रोफेसर एवं पूर्व अध्यक्ष, ऑपरेशनल रिसर्च विभाग, दिल्ली विवि), प्रो. जे. ई. मार्टिनेज-लेगाज (यूनिवर्सिटी ऑफ बार्सिलोना, स्पेन), प्रो. डी. के. घोष (मारवाड़ी विवि, राजकोट), प्रो. जे. पी. सिंह जुरेल (यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू), प्रो. अमरेंद्र मिश्रा (सांख्यिकी विभाग, पटना विवि) और प्रो. दिवाकर शुक्ला (गणित एवं सांख्यिकी विभाग, एच.एस. गौड़ केंद्रीय विवि, सागर) को नवाजा गया। वहीं उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए एक्सीलेंस रिसर्च अवॉर्ड प्रो. एम. एस. कादियान (कुरुक्षेत्र विवि), डॉ. एम. एस. बराक (मीरपुर विवि, रेवाड़ी) और डॉ. मोनिका सैनी (मणिपाल विवि, जयपुर) को प्रदान किए गए।
Girish Saini 


