15 जून की समय सीमा बीतने पर भी वादे पूरे न होने पर अनुबंधित विद्युत कर्मचारियों में रोष
राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
रोहतक, गिरीश सैनी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा कच्चे कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा और 15 जून को नियुक्ति पत्र देने का वादा पूरा न होने से रुष्ट प्रदेश के कच्चे और अनुबंधित बिजली कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने की मन बना लिया है।
ध्यान रहे कि लगभग 22 महीने पहले भारतीय मजदूर संघ और अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के संयुक्त मंच की मांग पर मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा और 15 जून को नियुक्ति पत्र देने का वादा किया गया था। अब 15 जून की तय तारीख आने के बाद भी ये वादे पूरे न होने पर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री प्रधान रविंद्र हुड्डा ने प्रदेश सरकार को चेताया कि कर्मचारी अब और अधिक बहकावे में आने वाले नहीं हैं। यदि मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादे को तुरंत अमलीजामा नहीं पहनाया गया तो संगठन पूरे प्रदेश में आंदोलन की राह पकड़ने पर मजबूर होगा।
विद्युत कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सरकार की इस वादाखिलाफी पर रोष जताते हुए कहा कि चुनाव और रैलियों के मंचों से बड़े-बड़े लोकलुभावन वादे करना और समय आने पर उससे मुकर जाना सरकार की नीति बन चुकी है। बिजली विभाग जैसे जोखिम वाले क्षेत्र में जान हथेली पर रखकर काम करने वाले कच्चे कर्मचारी पिछले 22 महीनों से इस उम्मीद में बैठे थे कि 15 जून को उनके जीवन में स्थायित्व आएगा, लेकिन सरकार ने उनका भरोसा तोड़ दिया।
Girish Saini 


