नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकताः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकताः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

करनाल, गिरीश सैनी। प्राचीन माता सीता मंदिर, सीतामाई में रविवार को शिव परिवार की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न हुआ। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि सीतामाई धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये मंदिर देश के अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक सीता मंदिरों में विशेष स्थान रखता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा को सुदृढ़ करते हैं। नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इस दौरान मंदिर सेवा समिति के सचिव ईशम बैरागी, सुगन चंद, मुकेश कुमार, महादेव गिरी, रामफल, प्रदीप बाबा, मंजू शर्मा, सतीश राणा, रविंदर कुमार सहित अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।