सीयूसीईटी प्रोग्राम के ज़रिए 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दे रही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
सत्र 2025-26 में हरियाणा के 9678 छात्रों को मिला लाभ।
रोहतक, गिरीश सैनी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार, प्रो (डॉ.) आर.एस. बावा ने बताया कि आर्थिक स्थिति के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रहने वाले छात्रों के सपनों को पूरा करने के लिए विवि द्वारा अपने एडमिशन-कम-स्कॉलरशिप प्रोग्राम - चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीई- 2026) के जरिए हर साल 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी जा रही है।
रोहतक में पत्रकारों से संवाद करते हुए प्रो (डॉ.) आर.एस. बावा ने बताया कि 2012 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली कैंपस की स्थापना के बाद से, भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 1.30 लाख से ज़्यादा छात्रों सहित कई विदेशी छात्रों ने भी विवि द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप का फायदा उठाया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में, हरियाणा के 9678 छात्रों ने इस स्कॉलरशिप योजना का फायदा उठाया है। जिनमें से 4,810 छात्रों को सीयूसीईटी स्कॉलरशिप के जरिए स्कॉलरशिप दी गई और दूसरी स्कॉलरशिप से 4868 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप प्रदान की गई है। इच्छुक छात्र चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विवि की प्लेसमेंट संबंधी जानकारी देते हुए प्रो (डॉ.) आर.एस. बावा ने बताया कि 1300 से ज़्यादा रिक्रूटर्स ने विवि के 2025 बैच के छात्रों को 10,000 से ज्यादा नौकरियां दी हैं। इसमें सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपये रहा, जबकि सबसे ज़्यादा घरेलू ऑफर 54.75 लाख रुपये का था। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले हरियाणा के 2,034 छात्रों को शीर्ष भारतीय और ग्लोबल कंपनियों से जॉब ऑफर मिले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों में रोहतक के ही 126 छात्रों को अग्रणी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से जॉब ऑफर मिले।
विवि की डिफेंस स्कॉलरशिप के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 13 सालों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 5,723 छात्रों को डिफेंस स्कॉलरशिप दी है। सैनिकों के बच्चे और परिवार के सदस्य आर्म्ड फोर्सेज एजुकेशनल वेलफेयर स्कीम (एएफईडब्ल्यूएस) और शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा स्कॉलरशिप का फायदा उठा सकते हैं।
प्रो. (डॉ.) बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के नाम 20,000 से ज्यादा रिसर्च पब्लिकेशन दर्ज हैं। 5519 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए गए हैं, 5212 पेटेंट प्रकाशित हुए हैं और विवि के छात्रों और संकाय सदस्यों के विभिन्न क्षेत्रों में 238 पेटेंट ग्रांट हुए हैं। विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों के 44 संकाय सदस्यों को दुनिया के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है।
Girish Saini 

