डिग्री के साथ-साथ बच्चों का भविष्य सुनिश्चित करना भी शिक्षकों की जिम्मेदारीः उपायुक्त सचिन गुप्ता
शिक्षण संवाद सशक्तिकरण एवं सम्मान महोत्सव आयोजित।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों को काबिलियत के हिसाब से उनके मुकाम तक पहुंचाने का आह्वान किया है। उपायुक्त वीरवार को -उड़ान शिक्षा की, संकल्प शिक्षा का- शिक्षण संवाद सशक्तिकरण एवं सम्मान महोत्सव 2025-26 में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक अथवा प्रतिशत तक सीमित नहीं रखना है बल्कि उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे अपने विद्यार्थियों को न केवल उनके मुकाम तक पहुंचाए बल्कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को यह अहसास भी अवश्य हो कि उसके शिक्षक ने उसे एक कदम आगे बढ़ाने का कार्य किया है।
उपायुक्त ने कहा कि हमारे देश का भविष्य, देश का आकार व देश किस दिशा में जाएगा, यह सब कुछ शिक्षक पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को कक्षा में पढ़ने वाले एक-एक बच्चे की झिझक और शंकाओं को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक विद्यार्थियों की हिचक दूर नहीं होगी, तब तक उनमें आत्मविश्वास नहीं बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही लक्ष्य प्राप्ति का मूल मंत्र है।
शिक्षकों को राष्ट्र की नींव बताते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का भी जिक्र किया जिसमें प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर कहा है कि पाठ्य पुस्तक में नहीं बल्कि माइंड सेट में बदलाव करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास भरना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि अध्यापकों को ये कभी नहीं सोचना चाहिए कि वह नौकरी के लिए स्कूल जा रहे हैं, बल्कि उन्हें एक मिशन मोड में अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। उपायुक्त ने कहा कि उनकी माता भी अध्यापिका रही है और वह शिक्षा के क्षेत्र की समस्याओं से अच्छी तरह से वाकिफ है। लेकिन अच्छा शिक्षक वह होता है जो समस्याओं से लड़ना जानता है और अपने विद्यार्थियों को मुकाम तक पहुंचाने की क्षमता रखता है।
इस दौरान पढ़े रोहतक-लिखें रोहतक 2025 का राज्य सुशासन पुरस्कार मिलने की जानकारी भी दी गई, जिसमें सार्वभौमिक विद्यालय कवरेज, डेटा आधारित प्रशासन और कम लागत वाले स्केलेबल मॉडल को प्रमुख आधार बताया गया। उपायुक्त ने कहा कि रोहतक जिला ने ये सिद्ध कर दिया है कि डेटा एवं शिक्षक मेंटरिंग से सशक्त आधारभूत शिक्षण तथा माध्यमिक स्तर पर समालोचनात्मक चिंतन, संचार कौशल एवं करियर मार्गदर्शन के साथ मिलकर ही आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए शिक्षार्थी तैयार किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अक्षरशः: एवं भावना के अनुरूप लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत आधारभूत शिक्षण से लेकर माध्यमिक स्तर पर करियर तैयारी एवं नवाचार तक एक सतत शैक्षणिक क्रम सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम में जिलेभर से लगभग तीन हजार शिक्षकों ने भाग लिया। उपायुक्त ने सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह ने स्वागत सम्बोधन दिया। जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
Girish Saini 

