एडीसी नरेंद्र कुमार ने सामान्य अस्पताल के अपग्रेडेशन कार्य का निरीक्षण किया

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

एडीसी नरेंद्र कुमार ने सामान्य अस्पताल के अपग्रेडेशन कार्य का निरीक्षण किया

रोहतक, गिरीश सैनी। अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के सीईओ नरेंद्र कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं।

 

जिला परिषद के अंतर्गत आने वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए एडीसी नरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए सरकार द्वारा लागू योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों के जीवन स्तर में और अधिक सुधार करना है। एडीसी ने कहा कि वे स्वयं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं और लगातार ग्रामीण क्षेत्र का दौरा करके विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के साथ-साथ ग्रामीणों की समस्याओं को भी चिन्हित करके उनका समाधान किया जा रहा है।

 

गौरतलब है कि जिला परिषद के सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार मिलने के उपरांत एडीसी नरेंद्र कुमार रोहतक जिले के आधा दर्जन से भी अधिक गांवों का दौरा करके ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवा रहे हैं।

 

बैठक के उपरांत सामान्य अस्पताल रोहतक के अपग्रेडेशन के कार्य का निरीक्षण करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार स्थानीय नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पतालों का सौंदर्यकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि नागरिक अस्पतालों में भी मरीज को निजी अस्पतालों जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जाए। इस प्रक्रिया में नागरिक अस्पताल रोहतक की इमारत का नवीनीकरण, मुरम्मत और आधुनिक सुविधाओं का अपग्रेडेशन किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए बजट के अनुसार विशेष मरम्मत पर 4 करोड़ 57 लाख रुपए, आईसीयू की मरम्मत के लिए 55 लाख रुपए व फायर फाइटिंग के लिए 2 करोड़ 15 लाख रुपए, फॉल्टी वीसीबी को बदलने के लिए 20 लाख 48 हजार रुपए से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। अस्पताल का अपग्रेडेशन होने के उपरांत यहां आने वाले मरीजों को और अधिक बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलेगी। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।