युवा कांग्रेस 17 फरवरी को पंचकूला में करेगी एचपीएससी दफ्तर का घेरावः सांसद दीपेन्द्र हुड्डा

2014 से अब तक के सभी एचपीएससी सिलेक्शन की लिस्ट जारी करने की मांग की।

युवा कांग्रेस 17 फरवरी को पंचकूला में करेगी एचपीएससी दफ्तर का घेरावः सांसद दीपेन्द्र हुड्डा

नई दिल्ली, गिरीश सैनी। रोहतक से लोकसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा है कि एचपीएससी सिलेक्शन की बजाय हरियाणवी युवाओं के लिए रिजेक्शन कमीशन के रूप में काम कर रहा है। हरियाणा के युवाओं का हक मारा जा रहा है। पंचकूला में आज भी एचपीएससी दफ्तर के बाहर बच्चों का धरना चल रहा है।

 

सोमवार को दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार और एचपीएससी एक साजिश के तहत नौकरी बाहर वालों को और ठोकर अपने वालों को दे रहा है। जिस प्रकार हरियाणा की सरकार रिमोट कंट्रोल से दिल्ली से चल रही है वैसे ही नौकरियों का कंट्रोल भी बाहर से चल रहा है, क्योंकि ज्यादातर चयन बाहर के युवाओं का हो रहा है। हरियाणा के युवा यूपीएससी, आईआईटी, एनईटी, जेआरएफ एवं अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप कर लेते हैं लेकिन, एचपीएससी सोची-समझी साजिश के तहत अपनी परीक्षाओं में इन्हें अयोग्य ठहरा रहा है।

 

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि विकास के बड़े बड़े प्रोजेक्ट जैसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रेल कोच फैक्ट्री, गुरुग्राम का रक्षा विवि, झज्जर के 11 राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य संस्थान, जो हमने मंजूर कराये थे, वो भी बाहर चले गये और एचपीएससी में भी बाहर के नौजवान लग रहे हैं। ऐसे में हरियाणा के युवा कहां जाएं।

 

उन्होंने कहा कि 17 फरवरी को युवा कांग्रेस पंचकुला एचपीएससी दफ्तर का घेराव करेगी। प्रदेश के युवाओं से 17 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंचकुला पहुंचने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के हक के लिए हम संसद, विधानसभा से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ेंगे। इससे पहले उन्होंने पंचकूला में एचपीएससी के खिलाफ धरने पर बैठे साथियों से फोन पर बात की और पंचकुला में पिछले लंबे समय चल रहे धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

 

दीपेन्द्र हुड्डा ने एचपीएससी चेयरमैन को तत्काल पद से हटाने और किसी काबिल हरियाणावासी को चेयरमैन बनाने की मांग की। उन्होंने पीजीटी कंप्यूटर साइंस परीक्षा तुरंत रद्द करने और 2014 से अब तक साढे 11 वर्षों में हुई भर्ती परीक्षाओं में कितने बाहरी और कितने हरियाणावासी चयनित हुए, एचपीएससी द्वारा हर सेलेक्शन लिस्ट जारी करने, सरकार श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की।

 

सांसद ने कहा कि एचपीएससी द्वारा बाहरी युवाओं के चयन से न केवल स्थानीय युवाओं में निराशा बढ़ रही है, अपितु बाहरी उम्मीदवारों के चयन से हरियाणा का प्रशासन पंगु हो गया है। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार चरम पर है, क्योंकि बाहरी उम्मेदवार उस अपनेपन से प्रदेश की जनता की सेवा नहीं करते जिस अपनेपन से हरियाणवी नौजवान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के 28 राज्यों में अकेला ऐसा राज्य है, जहाँ एचपीएससी चेयरमैन बाहर से लाकर बनाया गया। जब से बाहर के प्रदेश से एचपीएससी चेयरमैन बनाया गया है तब से ज्यादातर अन्य प्रदेशों के बच्चे ही चयनित हो रहे हैं। जबकि अन्य प्रदेशों में वहाँ की सरकारें अपने राज्य के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता देती है। अगर हरियाणा की ज्यादातर सरकारी नौकरियों में भी बाहर के बच्चे लगेंगे तो हरियाणा के बच्चे कहाँ जायेंगे?

 

दीपेन्द्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि एक सोची समझी साजिश के तहत हरियाणावासियों का हक मारा जा रहा है और जिन वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलता है उनके साथ भी बड़ा धोखा हो रहा है। जिन वर्गों को आरक्षण से लाभ मिलना चाहिए था, उन वर्गों के साथ भी बैकडोर से बड़ा धोखा किया जा रहा है। हरियाणा में ग्रुप ए और ग्रुप बी की नौकरी में साजिश के तहत आरक्षित वर्गों की सीटों को खाली छोड़ा जा रहा है। भर्तियों को पांच वर्षीय योजना बना दिया गया है। चुनाव से पहले भर्तियों का राजनीतिक इस्तेमाल करके वोट बटोरा जाता है, फिर युवाओं को 5 साल तक ठोकर खाने के लिये छोड़ दिया जाता है। इस दौरान सांसद वरुण चौधरी, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक मामन खान, युवा कांग्रेस प्रधान निशीत कटारिया आदि मौजूद रहे।