एमडीयू में विद्यार्थियों ने साझा किए स्वच्छता के सुझाव, प्लास्टिक मुक्त परिसर की ली शपथ

स्वच्छता को आदत बनाएं, केवल अभियान नहीं : कुलसचिव प्रो बंसल

एमडीयू में विद्यार्थियों ने साझा किए स्वच्छता के सुझाव, प्लास्टिक मुक्त परिसर की ली शपथ

रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू में शुक्रवार को आयोजित स्वच्छता संवाद कार्यक्रम में स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने और प्लास्टिक मुक्त परिसर के निर्माण का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता से जुड़े विचार और सुझाव साझा करते हुए कचरा प्रबंधन और संसाधनों के पुनः उपयोग पर जोर दिया।

अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय, यूनिवर्सिटी आउटरीच और यूटीडी एनएसएस इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाना जरूरी है। कचरे के उचित प्रबंधन और पुनः उपयोग से वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा को साकार किया जा सकता है।

डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा ने विद्यार्थियों से घर, कक्षा और विवि परिसर को स्वच्छ रखने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कचरे को अलग-अलग एकत्र करने और प्लास्टिक का उपयोग घटाने को प्रभावी पहल बताया।

स्वच्छ भारत मिशन, हरियाणा के वाइस चेयरमैन रविंद्र जागलान ने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य का सीधा संबंध है। स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ वातावरण और जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से बचने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की शपथ ली। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग ने स्वागत किया। यूनिवर्सिटी आउटरीच निदेशिका प्रो. अंजू धीमान ने आभार जताया।