चार बुराइयों से दूर रहकर जीवन को बनाएं श्रेष्ठ : डॉ. सुकामा
रोहतक, गिरीश सैनी। मांस भक्षण, सुरापान, जुआ और व्यभिचार मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को इन बुराइयों से दूर रहना चाहिए। यह विचार पद्मश्री डॉ. सुकामा ने रविवार को तिलक नगर स्थित धर्मशाला में आर्य समाज तिलक नगर के दो दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम के समापन पर व्यक्त किए।
विश्ववारा कन्या गुरुकुल की प्राचार्या डॉ. सुकामा ने कहा कि ईश्वर के स्मरण से मनुष्य को शक्ति मिलती है। मनुष्य जैसा चिंतन करता है, वैसा ही बनता है। सर्वशक्तिमान का ध्यान आत्मा को अपूर्व शक्ति प्रदान करता है।
इससे पहले डॉ. जगदेव सिंह के ब्रह्मत्व में यज्ञ हुआ। उन्होंने कहा कि वेद जीवन के आध्यात्मिक और भौतिक, दोनों पक्षों पर समान रूप से बल देते हैं। गुरुकुल की ब्रह्मचारिणियों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए।

Girish Saini

