लक्ष्मण मूर्छा के बाद संजीवनी लेकर लौटे हनुमान, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला पंडाल

अंगद-रावण संवाद और मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध के मंचन ने बांधा समां, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

लक्ष्मण मूर्छा के बाद संजीवनी लेकर लौटे हनुमान, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला पंडाल

रोहतक, गिरीश सैनी। पुरानी आईटीआई मैदान में रामलीला उत्सव कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव एवं दशहरा मेले के आठवें दिन लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने के मार्मिक मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर श्रीराम की व्याकुलता और हनुमान के संजीवनी लेकर लौटने का दृश्य मंचित होते ही पंडाल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा।

अंगद-रावण संवाद, मेघनाद-लक्ष्मण युद्ध, हनुमान-कालनेमि संवाद और भरत मिलाप के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। अंगद की चुनौती पर रावण के योद्धाओं के पैर न हिला पाने के दृश्य पर दर्शकों ने तालियां बजाईं। वहीं, संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बचने के प्रसंग ने खूब भावनाएं जगाईं।

गणमान्य अतिथियों ने कमेटी के मुख्य संरक्षक राजेश जैन के साथ रामलीला का शुभारंभ किया और भगवान श्रीराम की संगीतमय महाआरती की। रामलीला देखने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दशहरा मेले में झांकियों, दुकानों, व्यंजनों और बच्चों के झूलों के साथ रक्तदान, अंगदान व देहदान तथा पर्यावरण जागरूकता स्टाल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।