शोक, सत्ता और प्रतिशोध की उथल-पुथल को मंच पर उतारा
सुपवा में अगर हैमलेट के दूसरे दिन छात्रों की प्रभावशाली प्रस्तुति
रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) में शनिवार को नाटक अगर हैमलेट के मंचन के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने शोक, शक्ति, नियंत्रण और प्रतिशोध के मानवीय प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
विलियम शेक्सपियर की प्रसिद्ध त्रासदी हैमलेट के समकालीन रूपांतरण में फिल्म एवं टेलीविजन संकाय के अभिनय विभाग के विद्यार्थियों ने शारीरिक अभिनय, प्रतीकात्मक गतियों और न्यूनतम मंच सज्जा के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। बाहरी विशेषज्ञों के निर्देशन में हुई रिहर्सल का असर कलाकारों के अभिनय में दिखाई दिया।
प्रसिद्ध श्रीलंकाई रंगकर्मी डॉ. चमिका हथ्लहावट्टा के निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति की निर्माण परिकल्पना एनएसडी प्रशिक्षित प्रवीण ऐडामंगला ने संभाली।
नाटक का समापन रविवार को होगा। एफटीवी के मिनी ऑडिटोरियम में दोपहर 2:30 बजे और शाम 6 बजे दो शो होंगे। दोनों प्रस्तुतियों में प्रवेश निशुल्क रहेगा।

Girish Saini

