बाल गृहों में निजी मोबाइल से सीसीटीवी जोड़ने पर रोक, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

बच्चों की निजता और सुरक्षा के लिए आयोग का वैधानिक परामर्श; फुटेज साझा करने पर भी प्रतिबंध

बाल गृहों में निजी मोबाइल से सीसीटीवी जोड़ने पर रोक, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर सख्ती की गई है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा तृप्ति श्योराण ने निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप से सीसीटीवी कैमरे जोड़ने पर प्रतिबंध लगाते हुए वैधानिक परामर्श जारी किया है। सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिन में अनुपालना रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग के निरीक्षणों में सामने आया कि कई संस्थानों में सीसीटीवी व्यवस्था निजी उपकरणों से जुड़ी है, जिससे फुटेज अनधिकृत लोगों तक पहुंचने का खतरा है। नए निर्देशों के अनुसार, सीसीटीवी प्रणाली, रिकॉर्डिंग और पासवर्ड पर संस्थान प्रभारी का नियंत्रण रहेगा। केवल अधिकृत कर्मचारी ही निगरानी व्यवस्था तक पहुंच सकेंगे। साझा पासवर्ड और सामान्य परिस्थितियों में दूरस्थ निगरानी प्रतिबंधित रहेगी।

आयोग ने बिना अनुमति फुटेज डाउनलोड करने, कॉपी करने या व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए साझा करने पर भी रोक लगाई है। शौचालय, स्नानघर और कपड़े बदलने के स्थानों में कैमरे लगाना प्रतिबंधित रहेगा।

संस्थानों को फुटेज प्राप्त करने का रजिस्टर रखना, पासवर्ड नियमित रूप से बदलना और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना होगा। निरीक्षण के दौरान नियमों की जांच की जाएगी तथा उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई होगी।